Friday, April 13, 2012

गंगा माँ सूखने के कगार पर...!!!

गंगा माँ सूखने के कगार पर
1.जिस माँ को ब्रह्माजी ने अपने कमंडल में रखा ,माँ विष्णु पदी है,शिवजी ने उनको सर पर धारण किया , और हमारी तीन पीढ़ियों की तपस्या से लायी गयी उसी माँ को चंद उद्योगपति ,नेता ,अधिकारीयों और स्वार्थी लोग बर्बाद करने पर तुले हुए हैं
2.गंगा माँ पर 50 से अधिक छोटे व बड़े बांध बन चुके हैं गंगा माँ को सीमाओं में बाधा जा रहा है
3.गंगा माँ में रोज 1 बिलियन ली. धुषित पानी छोड़ा जा रहा है
4.गंगा माँ में हरिद्वार आते आते सिर्फ 10 % ही सूक्षम कण शेष रह जाते हैं तो आप अंदाज़ा लगाये की गंगा सागर में पहुचने से पहले माँके स्वास्थय पर क्या बीतती होगी
5.अवेध खनन करके गंगा माँ के वेग को कम कर दिया गया है
6.गंगा माँ पर सबसे पहले बांध अंग्रेजो ने 1854 में बनवाया था.इसका मतलब है की गंगा माँ की बर्बादी की शरुआत भी निकम्मे अंग्रेजो ने ही की थी
7.गंगा माँ को बचाने के लिए हाल हीमें तीन साधुओ ने अपने प्राण त्याग दिए हैं लेकिन इस बेसुध सरकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहाहै
8.इतने दूषित होने के बाद भी गंगा माँ के पानी से आजतक कोई महामारी नहीं फेली है ये चमत्कार नहीं है तो फिर और क्या है
धयान रहे : जब पुर्तगाली और अंग्रेजो व्यापार करने आये थे तब गंगा सागर से गंगा जल भरकर ले जाते थे और गंगाजल उनके पुर्तगाल और इग्लेंड पहुचने तक जल सड़ता नहीं था लेकिन जब उधर से आते समय वो जब इंग्लेड से पानी लाते थे वो 2 दिन में सड जाता था
जय गंगा माई
इस पोस्ट में भले ही लिए हास्य,चटपटा ,नमकीन जैसे जो शेयर करने के लिए वांछित गुण है ना हो लेकिन है लेकिन इसमें एक सनातनी की आस्था है और हमारे अस्तित्व का प्रशन है 

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