Thursday, August 30, 2012

મોઘવારી સામે લડતા એક આમઆદમી ની વાત !! ©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)-બાવળા

મોઘવારી સામે લડતા એક આમઆદમી ની વાત !!
©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)-બાવળા

અમે તો દરરોજ મોત સામે લડીએ છીએ ને જીવયે છીએ,
પરવા અહી કોને છે જીવવાની અમે રોજ મોત મરયે છીએ,

મોત ને દયયે છે રોજ હાથતાળી,રોજ કમાઈ રોજ ખઈએ છીએ,
જીવયે છીએ બાળકોને જોય નહીતો વહાલું કરી લયયે મોત,

આમઆદમી જીવે છે કે મરે છે, કેન્દ્ર સરકારને ક્યાં પડી છે,

બસ સત્તા નાં અભિમાનમાં પોતાના રોજે-રોજ ગજવા ભરે છે,

રજળપાટ કરતા રોજે રોજ નોકરી માટે ફાફા મારીએ છીએ,
સરકારી કે ખાનગી નોકરી માટે લાગવક અહિયાં પહેલી હોય છે,

મળેછે નોકરી આમદની અથ્નની અને ખરચા રૂપિયા જેવી,
તોય આ જીવનને ધક્કા મારી રોજે રોજ જીવ્યા કરીએ છીએ,

સમજાવો એ.સી માં બેસેલ વ્યક્તિને કે જીવે એક દિવસ મારો,
ભાષણ દેતા મનેય આવડે છે જીવીને બતાવે એક દિવસ મારો,
-એક આમઆદમી
©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)-બાવળા

रचना-१ >>हिंदुस्तानमें उठी ललकार....जिग्नेश पंडया(देशप्रेमी)


हिंदुस्तानमें उठी ललकार है,आज जाग उठा नोजवान है,
युवा रुकेना अबकी बार सोचले ऐ दुश्मन तलवार,
नहीं रुकेगी अब युवा तलवार छोड़ेगे ना दुश्मनको आज,
लहु बहेगा अबकी बार,दुश्मन जाये अब देश निकाल.
-©रचना:जिग्नेश पंडया(देशप्रेमी)

Wednesday, August 29, 2012

સમજતી દુનિયા......

સમજતી દુનિયા મારા દર્દનાં કારણને,
નાં હસતી દુનિયા મારા દર્દને સમજીને.
©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)

Tuesday, August 28, 2012

સમજદાર આ દુનિયા માં............

સમજદાર આ દુનિયા માં સમજાવવા વાળા બહુ હોય છે..
અને મુશ્કેલ પરીસ્થીતીમાં સાથ છોડી જનાર બહુ હોય છે..
સુખમાં સાથે અને દુખમાં સલાહો આપવા વાળા બહુ હોય છે.
દિલથી સાથ આપનાર આ દુનિયામાં બહુ ઓછા હોય છે..
રચના..લી.જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)-બાવળા

मित्रो बहुत से लोग नशा छोडना चाहते है पर उनसे छुटता नहीं है !बार बार वो कहते है हमे मालूम है ये गुटका खाना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे ???

मित्रो बहुत से लोग नशा छोडना चाहते है पर उनसे छुटता नहीं है !बार बार वो कहते है हमे मालूम है ये गुटका खाना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे ??? :गौ हत्या के खिलाफ हिन्दुस्तान ( गाय बचाओ भारत बचाओ )   
पुरी पोस्ट नही पढ़ सकते तो यहां click करे ।
http://youtu.be/6VytOKTVRN0

बार बार लगता है ये बीड़ी सिगरेट पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे !??
बार बार महसूस होता है यह शाराब पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब हो जाती है तो क्या करे
! ????

तो आपको बीड़ी सिगरेट की तलब न आए गुटका खाने के तलब न लगे ! शारब पीने की तलब न लगे ! इसके लिए बहुत अच्छे दो उपाय है जो आप बहुत आसानी से कर सकते है ! पहला ये की जिनको बार बार तलब लगती है जो अपनी तलब पर कंट्रोल नहीं कर पाते नियंत्रण नहीं कर पाते इसका मतलब उनका मन कमजोर है ! तो पहले मन को मजबूत बनाओ!

मन को मजबूत बनाने का सबसे आसान उपाय है पहले थोड़ी देर आराम से बैठ जाओ ! आलती पालती मर कर बैठ जाओ ! जिसको सुख आसन कहते हैं ! और फिर अपनी आखे बंद कर लो फिर अपनी दायनी(right side) नाक बंद कर लो और खाली बायी(left side) नाक से सांस भरो और छोड़ो ! फिर सांस भरो और छोड़ो फिर सांस भरो और छोड़ो !

बायीं नाक मे चंद्र नाड़ी होती है और दाई नाक मे सूर्य नाड़ी ! चंद्र नाड़ी जितनी सक्रिये (active) होगी उतना इंसान का मन मजबूत होता है ! और इससे संकल्प शक्ति बढ़ती है ! चंद्र नाड़ी जीतने सक्रिये होती जाएगी आपकी मन की शक्ति उतनी ही मजबूत होती जाएगी ! और आप इतने संकल्पवान हो जाएंगे ! और जो बात ठान लेंगे उसको बहुत आसानी से कर लेगें ! तो पहले रोज सुबह 5 मिनट तक नाक की right side को दबा कर left side से सांस भरे और छोड़ो ! ये एक तरीका है ! और बहुत आसन है !

दूसरा एक तरीका है आपके घर मे एक आयुर्वेदिक ओषधि है जिसको आप सब अच्छे से जानते है और पहचानते हैं ! राजीव भाई ने उसका बहुत इस्तेमाल किया है लोगो का नशा छुड्वने के लिए ! और उस ओषधि का नाम है अदरक ! और आसानी से सबके घर मे होती है ! इस अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! जब भी दिल करे गुटका खाना है तंबाकू खाना है बीड़ी सिगरेट पीनी है ! तो आप एक अदरक का टुकड़ा निकालो मुंह मे रखो और चूसना शुरू कर दो ! और यह अदरक ऐसे अदबुद चीज है आप इसे दाँत से काटो मत और सवेरे से शाम तक मुंह मे रखो तो शाम तक आपके मुंह मे सुरक्षित रहता है ! इसको चूसते रहो आपको गुटका खाने की तलब ही नहीं उठेगी ! तंबाकू सिगरेट लेने की इच्छा ही नहीं होगी शराब पीने का मन ही नहीं करेगा !
बहुत आसन है कोई मुश्किल काम नहीं है ! फिर से लिख देता हूँ !

अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! डिब्बी मे रखो पुड़िया बना के रखो जब तलब उठे तो चूसो और चूसो !
जैसे ही इसका रस लाड़ मे घुलना शुरू हो जाएगा आप देखना इसका चमत्कारी असर होगा आपको फिर गुटका –तंबाकू शराब –बीड़ी सिगरेट आदि की इच्छा ही नहीं होगी ! सुबह से शाम तक चूसते रहो ! और 10 -15 -20 दिन लगातार कर लिया ! तो हमेशा के लिए नशा आपका छूट जाएगा !

आप बोलेगे ये अदरक मैं ऐसे क्या चीज है !????

यह अदरक मे एक ऐसे चीज है जिसे हम रसायनशास्त्र (क्मिस्ट्री) मे कहते है सल्फर !
अदरक मे सल्फर बहुत अधिक मात्रा मे है ! और जब हम अदरक को चूसते है जो हमारी लार के साथ मिल कर अंदर जाने लगता है ! तो ये सल्फर जब खून मे मिलने लगता है ! तो यह अंदर ऐसे हारमोनस को सक्रिय कर देता है ! जो हमारे नशा करने की इच्छा को खत्म कर देता है !

और विज्ञान की जो रिसर्च है सारी दुनिया मे वो यह मानती है की कोई आदमी नशा तब करता है ! जब उसके शरीर मे सल्फर की कमी होती है ! तो उसको बार बार तलब लगती है बीड़ी सिगरेट तंबाकू आदि की ! तो सल्फर की मात्रा आप पूरी कर दो बाहर से ये तलब खत्म हो जाएगी ! इसका राजीव भाई ने हजारो लोगो पर परीक्षण किया और बहुत ही सुखद प्रणाम सामने आए है ! बिना किसी खर्चे के शराब छूट जाती है बीड़ी सिगरेट शराब गुटका आदि छूट जाता है ! तो आप इसका प्रयोग करे !

और इसका दूसरे उपयोग का तरीका पढे !

अदरक के रूप मे सल्फर भगवान ने बहुत अधिक मात्रा मे दिया है ! और सस्ता है! इसी सल्फर को आप होमिओपेथी की दुकान से भी प्राप्त कर सकते हैं ! आप कोई भी होमिओपेथी की दुकान मे चले जाओ और विक्रेता को बोलो मुझे सल्फर नाम की दावा देदो ! वो देदेगा आपको शीशी मे भरी हुई दावा देदेगा ! और सल्फर नाम की दावा होमिओपेथी मे पानी के रूप मे आती है प्रवाही के रूप मे आती है जिसको हम Dilution कहते है अँग्रेजी मे !

तो यह पानी जैसे आएगी देखने मे ऐसे ही लगेगा जैसे यह पानी है ! 5 मिली लीटर दवा की शीशी 5 रूपये आती है ! और उस दवा का एक बूंद जीभ पर दाल लो सवेरे सवेरे खाली पेट ! फिर अगले दिन और एक बूंद डाल लो ! 3 खुराक लेते ही 50 से 60 % लोग की दारू छूट जाती है ! और जो ज्यादा पियाकड़ है !जिनकी सुबह दारू से शुरू होती है और शाम दारू पर खतम होती है ! वो लोग हफ्ते मे दो दो बार लेते रहे तो एक दो महीने तक करे बड़े बड़े पियकरों की दारू छूट जाएगी !राजीव भाई ने ऐसे ऐसे पियकारों की दारू छुड़ाई है ! जो सुबह से पीना शुरू करते थे और रात तक पीते रहते थे ! उनकी भी दारू छूट गई बस इतना ही है दो तीन महीने का समय लगा !

तो ये सल्फर अदरक मे भी है ! होमिओपेथी की दुकान मे भी उपलब्ध है ! आप आसानी से खरीद सकते है !लेकिन जब आप होमिओपेथी की दुकान पर खरीदने जाओगे तो वो आपको पुछेगा कितनी ताकत की दवा दूँ ??!
मतलब कितनी Potency की दवा दूँ ! तो आप उसको कहे 200 potency की दवा देदो ! आप सल्फर 200 कह कर भी मांग सकते है ! लेकिन जो बहुत ही पियकर है उनके लिए आप 1000 Potency की दवा ले !आप 200 मिली लीटर का बोतल खरीद लो एक 150 से रुपए मे मिलेगी ! आप उससे 10000 लोगो की शराब छुड़वा सकते हैं ! मात्र एक बोतल से ! लेकिन साथ मे आप मन को मजबूत बनाने के लिए रोज सुबह बायीं नाक से सांस ले ! और अपनी इच्छा शक्ति मजबूत करे !!!


अब एक खास बात !

बहुत ज्यादा चाय और काफी पीने वालों के शरीर मे arsenic तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप arsenic 200 का प्रयोग करे !

गुटका,तंबाकू,सिगरेट,बीड़ी पीने वालों के शरीर मे phosphorus तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप phosphorus 200 का प्रयोग करे !

और शराब पीने वाले मे सबसे ज्यादा sulphur तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप sulphur 200 का प्रयोग करे !!

सबसे पहले शुरुवात आप अदरक से ही करे !!

आपने पूरी पोस्ट पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !
अमर शहीद राजीव दीक्षित जी की जय !

वन्देमातरम !

Sunday, August 26, 2012

क्या हम आमआदमी विरोध करना भूल गए है???

>>क्या हम आमआदमी विरोध करना भूल गए है???

>>क्या हम लड़ना भूल गए है??....या फिर हम अपने अपने घर सभाल के चुप चाप बेठे है..??..आमआदमी का यह मोन क्या एक दिन देशको ले डूबेगा.??

१)आजादी के सच्चे सिपाही भगतसिंह,सुखदेव और राजगुरु जेसे देशभक्तो के
नाम दे कर लड़ने वाले हम आमआदमी आज क्यों चुप है?
२)कमरतोड़ महगाई के बिच फसे हम आमआदमी यह सब गलत है यह देख कर भी क्यों चुप है?
३)केंद्र की गलत नीतियोंका जम कर विर्रोध करने वाले हम आमआदमी आज केंद्र ने किये करोड़े के भर्ष्टाचार पर चुप क्यों है?
४)छोटे छोटे मुद्दे पर लड़ने वाले हम आमआदमी देशकी सुरक्षा,आतंकवाद और बागलादेशी घुसनखोरी के मुद्दे पर क्यों चुप है?
५)अपने देश पर किये किसीभी आतंकवादी हुमले का विर्रोध करने वाले हम आमआदमी कसाब और अफजलगुरु के फासी के मुद्दे पर क्यों चुप है?
>>>जगाओ आत्म विश्वास...मरना है एक बार... तो क्यों ना जिए शेरकी जिंदगी....जय जय माँ भारती..........वंदे मातरम....वंदे मातरम.........