Pages

Saturday, January 12, 2019

** क़दम मिलाकर चलना होगा॥ क़दम मिलाकर चलना होगा॥ क़दम मिलाकर चलना होगा॥ **

बाधाएँ आती हैं आएँ,
घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,
निज हाथों में हँसते-हँसते,
आग लगाकर जलना होगा,
क़दम मिलाकर चलना होगा।

हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में,
अगर असंख्यक बलिदानों में,
उद्यानों में, वीरानों में,
अपमानों में, सम्मानों में,
उन्नत मस्तक, उभरा सीना,
पीड़ाओं में पलना होगा,
क़दम मिलाकर चलना होगा।

उजियारे में, अंधकार में,
कल कहार में, बीच धार में,
घोर घृणा में, पूत प्यार में,
क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में,
जीवन के शत-शत आकर्षक,
अरमानों को ढलना होगा,
क़दम मिलाकर चलना होगा।

सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ,
प्रगति चिरंतन कैसा इति अब,
सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ,
असफल, सफल समान मनोरथ,
सब कुछ देकर कुछ न मांगते,
पावस बनकर ढ़लना होगा,
क़दम मिलाकर चलना होगा।

कुछ काँटों से सज्जित जीवन,
प्रखर प्यार से वंचित यौवन,
नीरवता से मुखरित मधुबन,
परहित अर्पित अपना तन-मन,
जीवन को शत-शत आहुति में,
जलना होगा, गलना होगा,
क़दम मिलाकर चलना होगा।

जय हिन्द, जय भारत !
~शिव मोहन मिश्रा

Wednesday, October 31, 2012

પપ્પા...આઈ મીસ યુ.................

દુનિયાને છોડી જનારની રાહ આજેય કેમ જોવાય છે?
એકાંતમાં આપની યાદમાં આંખો કેમ છલકાય છે?
દુનિયામાં નથી અટકતું જીવન કોઈના વગર..તો પણ,
"પપ્પા" આપની કમી આજેય કેમ બહુ વરતાય છે?
 
© જીગ્નેશ એન પંડયા(બાવળા)

Tuesday, October 23, 2012

મંજીલની તલાસમાં..............23/10/2012

મંજીલની તલાસમાં ભટકતા ભટકતા,
મુશ્કેલ પરિસ્થિતિમાં આગળ વધતા,
નિશ્ચિત ધ્યેયને પામવા હાર નાં માનતા,
અંતિમ શ્વાસ સુધી મંજીલને પામવા ભટકતા.

મંજીલની રાહમાં થાક નાં ખાતા આગળ વધતા,
કપરા ચઢાણો ને ઉબડ ખાબડ રસ્તે ચાલતા,
દરેક સમસ્યાનો બહાદુરીથી સામનો કરતા કરતા,
અંતે મંજીલની ટોચ પર પહોચવાનો આંનદ માણતા.
>>>©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)<<<

Monday, October 22, 2012

એકાંતની પળોમાં....................

એકાંતની પળોમાં વિરહની વેદનાથી પીડાતો હું,
દુનિયાથી અલિપ્ત "શુન્યાવકાશ" મસ્તીષકથી વિચારતો હું,
જીવનની દરેક આટી-ઘુટી માંથી પસાર થયેલ હું,
દરેક પરિસ્થિતિને અનુરૂપ ઢાંચામાં ઢળાઈ ગયેલ હું.
©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી) - બાવળા

Friday, September 21, 2012

©રચના -લડીએ છીએ!! -જીગ્નેશ એન પંડયા (દેશપ્રેમી)


અમો સમયની વિરુદ્ધ દિશાની વિમુખ લડીએ છીએ,
પરિવાર સાથે પણ પરિસ્થિતિ વિરુદ્ધ લડીએ છીએ,

સંજોગો વિપરીત હોય ભલે તો પણ લડીએ છીએ,
પરિણામ હોય ભલે વિરુદ્ધ તોય અમે લડીએ છીએ,

મોતની સામે જીવન માટે દરરોજ અમે લડીએ છીએ,
પ્રભુ હોય સાથ આપનો તો દુનિયા સામે લડીએ છીએ,


અંતિમ શ્વાસ સુધી હાર સામે જીતવા અમો લડીએ છીએ,
ફળની ચિંતા કોને છે?,અમે મહેનત કરીને લડીએ છીએ,

તોફાનો સામે અમો મધ-દરિયે જઈ રોજ લડીએ છીએ,
મોતનાં ખેલ આદત થઇ હવે અમે તોય લડીએ છીએ,
 
©રચના -લડીએ છીએ!! -જીગ્નેશ એન પંડયા (દેશપ્રેમી)

Tuesday, September 18, 2012

વ્યથા મારા દિલની....

વ્યથા મારા દિલની કોને કહું? હસે છે ચહેરો ને રડે છે મન,
સમજી શકે મારા દિલની વ્યથાને એ હૃદયને કહું મારું દર્દ.
©રચના -જીગ્નેશ એન પંડયા (દેશપ્રેમી)

Friday, September 14, 2012

क्योंकि मैं आम आदमी हूँ....हाँ...हाँ.. मैं आम आदमी हूँ ...

क्योंकि मैं आम आदमी हूँ....हाँ...हाँ.. मैं आम आदमी हूँ ...

तुम देश और जनता का पैसा लूटो .... राष्ट्र-विरोधी ताकतों से तुम्हारी साँठ-गाँठ हो..... तुम ईश्वर और संविधान की शपथ लो और ऐसे घृणित कार्य सीना ठोक कर करो जिस की कल्पना मात्र से शायद ईश्वर भी घबराता होगा और संविधान निर्माताओं की सोच भी वहाँ तक नहीं पहुँची होगी .....फ़िर भी तुम भारत-रत्न के अधिकारी हो.....तुम राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बने उप

करणों की खरीद-फ़रोख्त में दलाली खाओ... फ़िर भी तुम नमन के हकदार हो ... तुमने तो ताबुतों पर भी मलाई खाई....शायद तुम्हारा हक होगा ??...अपनी काली और स्याह करतूतों को गाँधी की खादी से ढ़ंको ... तुमने जनतंत्र के मंदिर पर अपना कब्जा जो जमा रखा है इसलिए तुम्हारे हजारों-लाखों खून माफ़ हैं... मैं अपने आक्रोश की अभिव्यक्ति करूँ तो मैं राष्ट्र-द्रोही... क्योंकि मैं आम आदमी हाँ..हाँ... मैं आम आदमी हूँ...

अभी तुमने देश में सेंसरशिप और आपातकाल की घोषणा नहीं की है..... लेकिन यह अघोषित आपातकाल है , संक्रमणकाल है जो और भी दुखद है, और भी खतरनाक है ... अजीब विडम्बना है तुम इस देश में नफरत भड़काने वाले भाषण से तो बच सकते हो..... दंगों और धार्मिक उन्माद की पटकथा तुम लिखते हो....लेकिन राजनीतिक व्यंग्य के बाद मैं तुरंत गिरफ्तार किया जाता हूँ क्योंकि मैं आम आदमी हूँ....हाँ...हाँ.. मैं आम आदमी हूँ ...

तुम राष्ट्र-गौरव के प्रतीक लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्र-ध्वज के साये में हम से झूठे वादे करो...क्योंकि यही तुम्हारा राष्ट्र-प्रेम है.... मैं भूख की जद्दो-जहद से जूझता रहूँ लेकिन मौन रहूँ .....तुम मेरे पैसे के उजाले से रौशन रहो....मैं गुमनामी के साये में अपने वजूद को ढ़ूँढ़ता रहूँ...क्योंकि मैं आम आदमी हूँ....हाँ...हाँ.. मैं आम आदमी हूँ ....

मैं कुछ ना देखूँ , कुछ ना सुनूँ और कुछ ना बोलूँ... क्योंकि मैं गाँधी जी के बन्दर का "नया संस्करण हूँ "...मैं तुम्हारे ईशारे पर दुम हिलाऊँ और भौंकूँ क्योंकि मैं तुम्हारे तंत्र का कुत्ता हूँ...मच्छरों की भाँति मरना मेरी नीयति है और बुलेट-प्रूफ़ जैकेट तुम्हारा अधिकार है..... तो मैं कहाँ जाऊँ....?? कहाँ रोऊँ ?? कहाँ चिल्लाऊँ ?? कहाँ से अपने राष्ट्र- प्रेम का सर्टिफ़िकेट (प्रमाण-पत्र ) लाऊँ..?? क्योंकि मैं आम आदमी हूँ....हाँ...हाँ.. मैं आम आदमी हूँ ...
BY:EK ANJAN AAMAADAMI KI VYATHA

Thursday, August 30, 2012

મોઘવારી સામે લડતા એક આમઆદમી ની વાત !! ©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)-બાવળા

મોઘવારી સામે લડતા એક આમઆદમી ની વાત !!
©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)-બાવળા

અમે તો દરરોજ મોત સામે લડીએ છીએ ને જીવયે છીએ,
પરવા અહી કોને છે જીવવાની અમે રોજ મોત મરયે છીએ,

મોત ને દયયે છે રોજ હાથતાળી,રોજ કમાઈ રોજ ખઈએ છીએ,
જીવયે છીએ બાળકોને જોય નહીતો વહાલું કરી લયયે મોત,

આમઆદમી જીવે છે કે મરે છે, કેન્દ્ર સરકારને ક્યાં પડી છે,

બસ સત્તા નાં અભિમાનમાં પોતાના રોજે-રોજ ગજવા ભરે છે,

રજળપાટ કરતા રોજે રોજ નોકરી માટે ફાફા મારીએ છીએ,
સરકારી કે ખાનગી નોકરી માટે લાગવક અહિયાં પહેલી હોય છે,

મળેછે નોકરી આમદની અથ્નની અને ખરચા રૂપિયા જેવી,
તોય આ જીવનને ધક્કા મારી રોજે રોજ જીવ્યા કરીએ છીએ,

સમજાવો એ.સી માં બેસેલ વ્યક્તિને કે જીવે એક દિવસ મારો,
ભાષણ દેતા મનેય આવડે છે જીવીને બતાવે એક દિવસ મારો,
-એક આમઆદમી
©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)-બાવળા

रचना-१ >>हिंदुस्तानमें उठी ललकार....जिग्नेश पंडया(देशप्रेमी)


हिंदुस्तानमें उठी ललकार है,आज जाग उठा नोजवान है,
युवा रुकेना अबकी बार सोचले ऐ दुश्मन तलवार,
नहीं रुकेगी अब युवा तलवार छोड़ेगे ना दुश्मनको आज,
लहु बहेगा अबकी बार,दुश्मन जाये अब देश निकाल.
-©रचना:जिग्नेश पंडया(देशप्रेमी)

Wednesday, August 29, 2012

સમજતી દુનિયા......

સમજતી દુનિયા મારા દર્દનાં કારણને,
નાં હસતી દુનિયા મારા દર્દને સમજીને.
©રચના-જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)

Tuesday, August 28, 2012

સમજદાર આ દુનિયા માં............

સમજદાર આ દુનિયા માં સમજાવવા વાળા બહુ હોય છે..
અને મુશ્કેલ પરીસ્થીતીમાં સાથ છોડી જનાર બહુ હોય છે..
સુખમાં સાથે અને દુખમાં સલાહો આપવા વાળા બહુ હોય છે.
દિલથી સાથ આપનાર આ દુનિયામાં બહુ ઓછા હોય છે..
રચના..લી.જીગ્નેશ એન પંડયા(દેશપ્રેમી)-બાવળા

मित्रो बहुत से लोग नशा छोडना चाहते है पर उनसे छुटता नहीं है !बार बार वो कहते है हमे मालूम है ये गुटका खाना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे ???

मित्रो बहुत से लोग नशा छोडना चाहते है पर उनसे छुटता नहीं है !बार बार वो कहते है हमे मालूम है ये गुटका खाना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे ??? :गौ हत्या के खिलाफ हिन्दुस्तान ( गाय बचाओ भारत बचाओ )   
पुरी पोस्ट नही पढ़ सकते तो यहां click करे ।
http://youtu.be/6VytOKTVRN0

बार बार लगता है ये बीड़ी सिगरेट पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे !??
बार बार महसूस होता है यह शाराब पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब हो जाती है तो क्या करे
! ????

तो आपको बीड़ी सिगरेट की तलब न आए गुटका खाने के तलब न लगे ! शारब पीने की तलब न लगे ! इसके लिए बहुत अच्छे दो उपाय है जो आप बहुत आसानी से कर सकते है ! पहला ये की जिनको बार बार तलब लगती है जो अपनी तलब पर कंट्रोल नहीं कर पाते नियंत्रण नहीं कर पाते इसका मतलब उनका मन कमजोर है ! तो पहले मन को मजबूत बनाओ!

मन को मजबूत बनाने का सबसे आसान उपाय है पहले थोड़ी देर आराम से बैठ जाओ ! आलती पालती मर कर बैठ जाओ ! जिसको सुख आसन कहते हैं ! और फिर अपनी आखे बंद कर लो फिर अपनी दायनी(right side) नाक बंद कर लो और खाली बायी(left side) नाक से सांस भरो और छोड़ो ! फिर सांस भरो और छोड़ो फिर सांस भरो और छोड़ो !

बायीं नाक मे चंद्र नाड़ी होती है और दाई नाक मे सूर्य नाड़ी ! चंद्र नाड़ी जितनी सक्रिये (active) होगी उतना इंसान का मन मजबूत होता है ! और इससे संकल्प शक्ति बढ़ती है ! चंद्र नाड़ी जीतने सक्रिये होती जाएगी आपकी मन की शक्ति उतनी ही मजबूत होती जाएगी ! और आप इतने संकल्पवान हो जाएंगे ! और जो बात ठान लेंगे उसको बहुत आसानी से कर लेगें ! तो पहले रोज सुबह 5 मिनट तक नाक की right side को दबा कर left side से सांस भरे और छोड़ो ! ये एक तरीका है ! और बहुत आसन है !

दूसरा एक तरीका है आपके घर मे एक आयुर्वेदिक ओषधि है जिसको आप सब अच्छे से जानते है और पहचानते हैं ! राजीव भाई ने उसका बहुत इस्तेमाल किया है लोगो का नशा छुड्वने के लिए ! और उस ओषधि का नाम है अदरक ! और आसानी से सबके घर मे होती है ! इस अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! जब भी दिल करे गुटका खाना है तंबाकू खाना है बीड़ी सिगरेट पीनी है ! तो आप एक अदरक का टुकड़ा निकालो मुंह मे रखो और चूसना शुरू कर दो ! और यह अदरक ऐसे अदबुद चीज है आप इसे दाँत से काटो मत और सवेरे से शाम तक मुंह मे रखो तो शाम तक आपके मुंह मे सुरक्षित रहता है ! इसको चूसते रहो आपको गुटका खाने की तलब ही नहीं उठेगी ! तंबाकू सिगरेट लेने की इच्छा ही नहीं होगी शराब पीने का मन ही नहीं करेगा !
बहुत आसन है कोई मुश्किल काम नहीं है ! फिर से लिख देता हूँ !

अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! डिब्बी मे रखो पुड़िया बना के रखो जब तलब उठे तो चूसो और चूसो !
जैसे ही इसका रस लाड़ मे घुलना शुरू हो जाएगा आप देखना इसका चमत्कारी असर होगा आपको फिर गुटका –तंबाकू शराब –बीड़ी सिगरेट आदि की इच्छा ही नहीं होगी ! सुबह से शाम तक चूसते रहो ! और 10 -15 -20 दिन लगातार कर लिया ! तो हमेशा के लिए नशा आपका छूट जाएगा !

आप बोलेगे ये अदरक मैं ऐसे क्या चीज है !????

यह अदरक मे एक ऐसे चीज है जिसे हम रसायनशास्त्र (क्मिस्ट्री) मे कहते है सल्फर !
अदरक मे सल्फर बहुत अधिक मात्रा मे है ! और जब हम अदरक को चूसते है जो हमारी लार के साथ मिल कर अंदर जाने लगता है ! तो ये सल्फर जब खून मे मिलने लगता है ! तो यह अंदर ऐसे हारमोनस को सक्रिय कर देता है ! जो हमारे नशा करने की इच्छा को खत्म कर देता है !

और विज्ञान की जो रिसर्च है सारी दुनिया मे वो यह मानती है की कोई आदमी नशा तब करता है ! जब उसके शरीर मे सल्फर की कमी होती है ! तो उसको बार बार तलब लगती है बीड़ी सिगरेट तंबाकू आदि की ! तो सल्फर की मात्रा आप पूरी कर दो बाहर से ये तलब खत्म हो जाएगी ! इसका राजीव भाई ने हजारो लोगो पर परीक्षण किया और बहुत ही सुखद प्रणाम सामने आए है ! बिना किसी खर्चे के शराब छूट जाती है बीड़ी सिगरेट शराब गुटका आदि छूट जाता है ! तो आप इसका प्रयोग करे !

और इसका दूसरे उपयोग का तरीका पढे !

अदरक के रूप मे सल्फर भगवान ने बहुत अधिक मात्रा मे दिया है ! और सस्ता है! इसी सल्फर को आप होमिओपेथी की दुकान से भी प्राप्त कर सकते हैं ! आप कोई भी होमिओपेथी की दुकान मे चले जाओ और विक्रेता को बोलो मुझे सल्फर नाम की दावा देदो ! वो देदेगा आपको शीशी मे भरी हुई दावा देदेगा ! और सल्फर नाम की दावा होमिओपेथी मे पानी के रूप मे आती है प्रवाही के रूप मे आती है जिसको हम Dilution कहते है अँग्रेजी मे !

तो यह पानी जैसे आएगी देखने मे ऐसे ही लगेगा जैसे यह पानी है ! 5 मिली लीटर दवा की शीशी 5 रूपये आती है ! और उस दवा का एक बूंद जीभ पर दाल लो सवेरे सवेरे खाली पेट ! फिर अगले दिन और एक बूंद डाल लो ! 3 खुराक लेते ही 50 से 60 % लोग की दारू छूट जाती है ! और जो ज्यादा पियाकड़ है !जिनकी सुबह दारू से शुरू होती है और शाम दारू पर खतम होती है ! वो लोग हफ्ते मे दो दो बार लेते रहे तो एक दो महीने तक करे बड़े बड़े पियकरों की दारू छूट जाएगी !राजीव भाई ने ऐसे ऐसे पियकारों की दारू छुड़ाई है ! जो सुबह से पीना शुरू करते थे और रात तक पीते रहते थे ! उनकी भी दारू छूट गई बस इतना ही है दो तीन महीने का समय लगा !

तो ये सल्फर अदरक मे भी है ! होमिओपेथी की दुकान मे भी उपलब्ध है ! आप आसानी से खरीद सकते है !लेकिन जब आप होमिओपेथी की दुकान पर खरीदने जाओगे तो वो आपको पुछेगा कितनी ताकत की दवा दूँ ??!
मतलब कितनी Potency की दवा दूँ ! तो आप उसको कहे 200 potency की दवा देदो ! आप सल्फर 200 कह कर भी मांग सकते है ! लेकिन जो बहुत ही पियकर है उनके लिए आप 1000 Potency की दवा ले !आप 200 मिली लीटर का बोतल खरीद लो एक 150 से रुपए मे मिलेगी ! आप उससे 10000 लोगो की शराब छुड़वा सकते हैं ! मात्र एक बोतल से ! लेकिन साथ मे आप मन को मजबूत बनाने के लिए रोज सुबह बायीं नाक से सांस ले ! और अपनी इच्छा शक्ति मजबूत करे !!!


अब एक खास बात !

बहुत ज्यादा चाय और काफी पीने वालों के शरीर मे arsenic तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप arsenic 200 का प्रयोग करे !

गुटका,तंबाकू,सिगरेट,बीड़ी पीने वालों के शरीर मे phosphorus तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप phosphorus 200 का प्रयोग करे !

और शराब पीने वाले मे सबसे ज्यादा sulphur तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप sulphur 200 का प्रयोग करे !!

सबसे पहले शुरुवात आप अदरक से ही करे !!

आपने पूरी पोस्ट पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !
अमर शहीद राजीव दीक्षित जी की जय !

वन्देमातरम !

Sunday, August 26, 2012

क्या हम आमआदमी विरोध करना भूल गए है???

>>क्या हम आमआदमी विरोध करना भूल गए है???

>>क्या हम लड़ना भूल गए है??....या फिर हम अपने अपने घर सभाल के चुप चाप बेठे है..??..आमआदमी का यह मोन क्या एक दिन देशको ले डूबेगा.??

१)आजादी के सच्चे सिपाही भगतसिंह,सुखदेव और राजगुरु जेसे देशभक्तो के
नाम दे कर लड़ने वाले हम आमआदमी आज क्यों चुप है?
२)कमरतोड़ महगाई के बिच फसे हम आमआदमी यह सब गलत है यह देख कर भी क्यों चुप है?
३)केंद्र की गलत नीतियोंका जम कर विर्रोध करने वाले हम आमआदमी आज केंद्र ने किये करोड़े के भर्ष्टाचार पर चुप क्यों है?
४)छोटे छोटे मुद्दे पर लड़ने वाले हम आमआदमी देशकी सुरक्षा,आतंकवाद और बागलादेशी घुसनखोरी के मुद्दे पर क्यों चुप है?
५)अपने देश पर किये किसीभी आतंकवादी हुमले का विर्रोध करने वाले हम आमआदमी कसाब और अफजलगुरु के फासी के मुद्दे पर क्यों चुप है?
>>>जगाओ आत्म विश्वास...मरना है एक बार... तो क्यों ना जिए शेरकी जिंदगी....जय जय माँ भारती..........वंदे मातरम....वंदे मातरम.........

Sunday, July 29, 2012

भारत सरकार के ऑफिशियल दस्तावेज के अनुसार केन्द्र की कांग्रेस सरकार भारत को विश्व का सबसे बड़ा मांस और गौ मांस उत्पादक देश बनाने के लिए "पिंक रिवोल्यूशन" की शुरूआत कर चुकी है |

मित्रों , इसके पहले कांग्रेस के प्रमुख चाहे जैसे भी हो लेकिन चूँकि उनका जन्म भारत मे हुआ था इसलिए वो थोडा बहुत तो भारतीय सभ्यता को मान देते थे .. और इस देश मे अनाज के उत्पादन के लिए ग्रीन रिवोल्यूशन [हरित क्रांति ] फिर दूध के उत्पादन को बढाने के लिए श्वेत क्रांति जैसे सकारात्मक प्रयास हुए .

लेकिन सोनिया गाँधी के कांग्रेस प्रमुख बनते ही भारत को विश्व का सबसे बड़ा गाय के कत्लगाह बनाने के लिए पिंक रिवोल्यूशन की शुरुआत की गयी है .. इसके अनुसार भारत को मांस के उत्पादक और निर्यात मे मे प्रथम स्थान दिलाना है |

केन्द्र की कांग्रेस सरकार इसके लिए ५% सब्सिडी के साथ मांस के निर्यात पर गारंटी योजना शुरू की है | यदि मांस किसी कारण रास्ते मे खराब हो जाये या कोई देश उसे लेने से मना कर दे तो केन्द्र सरकार उस नुकसान का मुवावजा देगी |

वाह रे कांग्रेस | सदियों से जिस देश मे जानवरों को देवता बनाकर पूजा जाता रहा है | हमारे सनातन धर्म के ऋसी महर्षियों ने हर एक जानवर को हिंदू धर्म से जोड़ दिया ताकि इनका अस्तिव सदाकाल तक बना रहे | नेशनल जियोग्राफिक चैनेल ने कई बार कहा है की आज अगर इस धरती पर जो जानवर बचे है उसमे हिंदू धर्म का बड़ा योगदान है क्योकि हिंदू संस्कृति मे हर एक जानवर की पूजा की जाती है |
आज कांग्रेस की इटैलियन अध्यक्ष जो इटली की है और जो देश गाय के मांस का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और जहां बच्चो को जन्म से गाय के मांस से बने पिज्जा और बर्गर खिलाये जाते है उस कांग्रेस से हम कैसे अपेक्षा रख सकते है की वो गौ वंश के कत्लेआम पर रोक लगाये ?


संसार का सबसे बडा मांस उत्पादक देश बना कर भारत को कलंकित किया हुक्मरानों ने

भारत को कांग्रेस ने संसार की छटवां सबसे बडा गौ  मांस उत्पादक देश बना दिया .. खुशी मनाओ कांग्रेसियो मैडम की मेहनत पर |

आजादी के नाम पर देश की सरकारों ने 65 सालों में सदियों से गो माता की सेवा व पूजा करने वाले भगवान राम व भगवान श्रीकृष्ण के देश को संसार का सबसे गौ हत्यारा देश बना कर कलंकित किया। जिस देश में विदेशी आततायी ओरंजेब व फिरंगी हुक्मरानों ने जो भारत को पशु मांस उत्पादक यानी हत्यारा देश बनाने की धृष्ठता नहीं की वह कृत्य स्वतंत्र भारत की सरकारों ने मात्र 65 साल में इस देश को विश्व का सबसे बड़ा पशु-गो वंश पशु हत्यारा बना दिया। आज पूरे विश्व में भारत सबसे ज्यादा मांस उत्पादक देश बन गया है।

इस जड़ चेतन में भगवान का अंश मान कर जीवो व जीने दो का अमर संदेश पूरे विश्व को देने वाला भारत, भगवान राम व भगवान श्रीकृष्ण को मानने वालों का देश भारत, दया के सागर महावीर जैन व गौतम बुद्ध तथा अन्याय के खिलाफ सर्ववंश कुर्वान करने वाले गुरू गोविन्द सिंह का देश भारत, अहिंसा का अमर घोष करने वाले गांधी को राष्ट्रपिता मानने वाला भारत को यहां के आत्मघाती हुक्मरानों ने विश्व का सबसे बड़ा मांस उत्पादक यानी कातिल देश बना कर देश की संस्कृति व लाखों शहीदों की शहादत का घोर अपमान किया है। वहीं गौ वंश मांस का उत्पादन में भारत पाकिस्तान से दो गुना ज्यादा कर रहा है और पूरे विश्व में सबसे ज्यादा गौ वंश मांस उत्पादक यानी कातिल देश के रूप में भारत का छटवां स्थान है। इसके लिए देश के हर राजनैतिक दल गुनाहगार है। आजादी के बाद किसी भी सरकार ने ईमानदारी से भारत को कलंकित करने वाले पशु हत्यारे बनाने वाले कृत्य को रौकने का ठोस काम तक नहीं किया। देश में अपने वोट बैंक बनाने के लिए इसका विरोध या समर्थन करने का कृत्य राजनैतिक दलों ने किया। साधु संत भी कभी कभार इसका विरोध करके अपना कर्तव्य इति समझ रहे है। पत्रकार, बुद्धिजीवी व समाजसेवियों की अक्ल पर तो पत्थर ही पड गया। चंद लोग इन दिनों जंतर मंतर पर गो हत्या के खिलाफ आंदोलन चला रहे है। धरना दे रहे है। परन्तु पूरा भारतीय समाज व मीडिया को जिस प्रकार से इस मुद्दे पर शर्मनाक चुप्पी रखी है उससे लगता है देश में भारत ही मर चूका है केवल इंडिया बचा हुआ है।


 प्रस्तुत है आपकी आंखे खोलने के लिए ये देश को कलंकित करने वाले आंकडे
TOP 10 CATTLE AND BEEF PRODUCING COUNTRIES[36]
CATTLE PRODUCTION (1000 Head)
Rank    Country    2009     2010     %Chg
1    India     57,960     58,300     0.6%
2    Brazil     49,150     49,400 0.5%
3    China     42,572     41,000    -3.7%
4    United States    35,819     35,300    -1.4%
5    EU-27     30,400     30,150    -0.8%
6    Argentina    12,300     13,200    7.3%
7    Australia    9,213     10,158    10.3%
8    Russia     7,010     6,970    -0.6%
9    Mexico     6,775     6,797    0.3%
10    Colombia    5,675     5,675    0.0%

BEEF PRODUCTION (1000 MT CWE)

Rank    Country    2009    2010     %Chg
1    United States    11,889    11,789    -0.8%
2    Brazil    8,935    9,300    4.1%
3    EU-27    7,970    7,920    -0.6%
4    China    5,764    5,550    -3.7%
5    Argentina    3,400    2,800    -17.6%
6    India    2,610    2,760    5.7%
7    Australia    2,100    2,075    -1.2%
8    Mexico    1,700    1,735    2.1%
9    Russia    1,285    1,260    -1.9%
10    Pakistan    1,226    1,250    2.0%

Thursday, July 19, 2012

दर्द की कहानी.....

होता है दर्द क्या?बतायेगे किसी रोज,
दर्द की कहानी सुनायेगे किसी रोज,
ना रोक आज़ाद परिन्दोकी उडाने,
उन्हेभी दर्द होता है घुटन से हर रोज.
©रचना-जिग्नेश पंडया(देशप्रेमी)

Saturday, June 30, 2012

आज मेरे दोस्तको याद मेरा नाम आए!!-©रचना- जिग्नेश पंडया(देशप्रेमी)

दोस्त गुजरी हुई कभी तो वो शाम आए!!
आज मेरे दोस्तको याद मेरा नाम आए!!

वजह नहि हमें भुलानेकी फिरभी हम याद न आए!!
आज कोई पेगाम मेरे दोस्तका मेरे नामतो आए!!

आदत है हमें दोस्त अक्शर तनहाईमें जीनेकी!!
दर्दसे तड़पते है फिरभी तमन्ना है हमें जीनेकी!!

मिलनेके इन्तजारमें यह आश लिए है जीनेकी!!
दोस्त तुम्हारी यादोको वजह बताते है जीनेकी!!
©रचना- जिग्नेश पंडया(देशप्रेमी)

Wednesday, June 27, 2012

चाणक्य नीति [ हिंदी में ]: प्रथम अध्याय

१. सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु  को नमन करते हुए जो तीनो लोको के स्वामी  है, मै एक
राज्य के लिए  नीति  शास्त्र  के सिद्धांतों  को कहता हूँ. अनेक शास्त्रों  का आधार ले कर मै
यह सूत्र  कह रहा हूँ.
2. जो व्यक्ति शास्त्रों के सूत्रों  का अभ्यास करके ज्ञान ग्रहण करेगा उसे अतयंत वैभवशाली
कर्त्तव्य के सिद्धांत जात होगे. उसे पता चलेगा की किस  बात को करना चाहिए और िकसे
नहीं करना चािहए. उसे पता चलेगा की भला कया है और बुरा कया है. उसे सर्वोत्तम का भी
ज्ञान होगा.
३. इसीिलए लोगो का भला करने के िलए मै उस बात को कहता हूँ की िजससे लोग सभी
बातो को सही परिपेक्ष्य मे देखेगे.
४. एक विद्वान  भी दुखी  हो जाता है यिद वह िकसी मुर्ख  को उपदेश देता है, यदि वह एक
दुष्ट पत्नी का पालन करता है या िकसी दुखी व्यक्ति के साथ अतयंत घनिष्ठ सम्बन्ध बना
लेता है.
५. दुष्ट पती, झूठा मित्र , बदमाश नौकर और सर्प  के साथ िनवास साक्षात् मृत्यु के समान है.
६ . व्यक्ति को  आने वाली मुसीबतो से िनपटकर धन संचय करना चािहए. उसे धन को
त्यागकर पत्नी की सुरक्षा करनी चाहिए. लेिकन यिद आत्मा की सुरक्षा की बात आती है
तो उसे धन और पती दोनो को गौण समझना चािहए.
७ . आगे आने वाली मुसीबतो के िलए धन संचय करे. ऐसा ना कहे की धनवान व्यक्ति को
मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो संगठित धन तेजी से घटता है.
८.  उस देश मे िनवास न करे जहा आपकी कोई इजजत नहीं, जहा आप रोजगार नहीं कमा
सकते, जहा आपके कोई मित्र नहीं और जहा आप कोई ज्ञान आर्जित नहीं कर सकते .
९ . वहा एक िदन भी ना रके जहा ये पाच ना हो.
धनवान व्यक्ति ,
िवदान  व्यक्ति जो शास्त्रों को जानता हो,
राजा,
नदियाँ,
और चिकित्सक .
१० .  बुद्धिमान व्यक्ति ऐसे देश कभी ना जाए जहा ...
रोजगार कमाने का कोई माधयम ना हो.
जहा लोग िकसी से डरते न हो.
जहा लोगो को िकसी बात की लज्जा न हो.
जहा लोगो के पास बुद्धिमत्ता न हो.
जहा के लोगो की वृत्ति दान धरम करने की ना हो.
११ . नौकर की परीक्षा जब वह कर्त्तव्य का पालन  न कर रहा हो तब करे.
रिश्तेदार की परीक्षा जब आप मुसीबत मे हो तब करे.
मित्र की  परीक्षा विपरीत काल मे करे.
जब आपका वक्त अचछा न चल रहा हो तब पत्नी की परीक्षा करे.
१२ . अच्छा मित्र हमे तब नहीं छोड़ेगा जब हमे उसकी जररत हो, कोई दुघरटना हो गयी हो,
अकाल पड़ा हो, युद्ध चल रहा हो, जब हमे राजा के दरबार मे जाना पड़े, जब हमे समशान
घाट जाना पड़े.
१३ . जो व्यक्ति  कसी नाशवंत चीज के िलए िजसका कभी नाश नहीं होने वाला ऐसी चीज को
छोड़ देता है, तो उसके हाथ से अिवनाशी तो चला ही जाता है और इसमे कोई संदेह नहीं
की नाशवान को भी वह खो देता है.
१४ . एक बुद्धिमान व्यक्ति को चािहए की वह एक इजजतदार घर की अविवाहित कनया से
िववाह करे. यिद ऐसी कनया मे कोई वयंग है तो भी. िकसी हीन घर की लड़की से वह
सुनदर हो तो भी िववाह नहीं करना चािहए. शादी बराबरी के घरो मे हो यह उिचत है.
१५ . आप कभी इन ५ पर विश्वास ना करे.
१. निदया
२. िजसके हाथ मे शास्त्र हो.
३. पशु िजसे नाख़ून या िसंग हो.
४. औरत (यहाँ संकेत भोली सूरत की तरफ है, बहने बुरा न माने )
५. राज घरानो के लोगो पर.
१६ . िवष मे से भी हो सके तो अमृत िनकाल ले.
यिद सोना गनदगी मे िगरा हो तो उसे उठाये और धोये और अपनाये.
यिद कोई िनचले कुल मे जनमने वाला भी आपको सर्वोत्तम ज्ञान देता है तो उसे अपनाये.
उसी तरह यिद कोई बदनाम घर की लड़की जो महान गुणो से संपनन है यिद आपको
सीख देती है तो गहण करे.
१७ .  औरतो मे मर्दों के मुकाबले .
भूख दो गुना
लजजा चार गुना
सहस छः गुण
कामना आठ गुना  होती है.

Tuesday, June 26, 2012

हार न मानने की जिद करना!!

जिन्दगी से हार मानके जीनेसे बहेतर है !
खुश रहकर हार न मानने की जिद करना!!
-:जिग्नेश पंडया(देशप्रेमी):-